छत्तीसगढ़ स्कूलों में शिक्षकों द्वारा शराब के नशे में पहुंचने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ऐसे शिक्षकों को अब बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में बिलासपुर जिले के छह शराबी सहायक शिक्षकों की सूची डीईओ ने जेडी के माध्यम से शासन को भेज दी है। सभी शिक्षक पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।
स्कूलों में बढ़ रही शराबखोरी की घटनाएँ
शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले स्कूलों में शिक्षकों द्वारा नशे में पहुंचने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अक्टूबर और नवंबर माह में कई मामले सामने आए, जिसमें शिक्षकों को स्कूल में शराब के नशे में पाया गया। शासन द्वारा बार-बार चेतावनियों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है।
DPI ने मांगी विस्तृत सूची
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिलों से स्कूलों में शराब पीकर आने वाले शिक्षकों की विस्तृत सूची मांगी है, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। इसमें नाम, पद, स्कूल, घटना का विवरण और निलंबन की स्थिति जैसी जानकारी शामिल है।
बिलासपुर में दो महीने में छह शिक्षक निलंबित
बिलासपुर जिले में केवल दो महीनों में छह सहायक शिक्षक शराबखोरी में पकड़े गए हैं। इन सभी को निलंबित किया जा चुका है और अब शासन को उनकी संपूर्ण जानकारी भेजी गई है।
बर्खास्तगी की तैयारी
शासन स्रोतों के अनुसार, निलंबन के बाद अब इन शिक्षकों पर विभागीय जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है। विभाग का मानना है कि कड़ी कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा और स्कूलों में अनुशासन कायम होगा।
सरकार सख्त, ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति
शासन ने साफ कहा है कि बच्चों के भविष्य से खेलने वाले ऐसे शिक्षकों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। स्कूलों में शराबखोरी न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।

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