नई रणनीति के पीछे क्या है संदेश?
भाजपा ने इस बदलाव के जरिए साफ संकेत दिया है कि अब संगठन में प्रशासनिक पकड़ रखने वाले चेहरों को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई कोर कमेटी आगामी नगरीय निकाय चुनाव, संगठन विस्तार और बूथ स्तर की तैयारी पर फोकस करेगी। सूची से बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे वरिष्ठ नेताओं का बाहर होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। रायपुर के भाजपा दफ्तर के बाहर दिनभर कार्यकर्ताओं के छोटे-छोटे समूह इसी बदलाव पर बातचीत करते दिखे। गर्म दोपहर के बावजूद पार्टी कार्यालय में नेताओं की आवाजाही लगातार जारी रही।
संगठन और सरकार के बीच सीधा तालमेल
नई कोर कमेटी का मकसद केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं माना जा रहा। पार्टी आने वाले महीनों में जमीनी स्तर पर आक्रामक अभियान चला सकती है। भाजपा के भीतर यह भी माना जा रहा है कि सरकार की योजनाओं को सीधे संगठन के जरिए जनता तक पहुंचाने की तैयारी है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पार्टी अब फैसलों में तेजी चाहती है। लंबे अनुभव के साथ नई ऊर्जा जोड़ने की कोशिश की गई है।
पार्टी दफ्तर के बाहर क्या दिखा?
रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर कई युवा कार्यकर्ता नई टीम को लेकर उत्साहित नजर आए। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना था कि संगठन में नई जिम्मेदारियां मिलने से फैसलों की गति बढ़ेगी। वहीं वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों में हल्की नाराजगी भी दिखाई दी।

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