Medicine price hike 2026 नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2026 से दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है। बुखार, दर्द, बीपी और डायबिटीज जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दवाएं महंगी होंगी। यह फैसला सरकार के अधीन राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा लिया गया है।
CGPSC Prelims Result 2025 जारी: 3921 अभ्यर्थी सफल, 16 से 19 मई तक होगी मेंस परीक्षा
1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी
NPPA ने राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद देशभर में 1000 से अधिक जरूरी दवाओं के दाम बढ़ जाएंगे।
इन दवाओं पर पड़ेगा असर
इस फैसले का असर कई जरूरी दवाओं पर पड़ेगा, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में लोग रोजाना करते हैं—
- बुखार और दर्द की दवाएं: पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन, डिक्लोफेनाक
- डायबिटीज और BP की दवाएं: मेटफॉर्मिन, ग्लिमेपाइराइड, एमलोडिपिन, टेल्मिसर्टन
- कोलेस्ट्रॉल और हार्ट दवाएं: एटोरवास्टैटिन, एस्पिरिन
- पेट और सांस संबंधी दवाएं: पैंटोप्राजोल, ओमेप्राजोल, सालबुटामोल
- एंटीबायोटिक्स: एमोक्सिसिलिन, अजीथ्रोमाइसिन, सिप्रोफ्लोक्सासिन
इसके अलावा विटामिन, आयरन सप्लीमेंट्स, कुछ कैंसर रोधी दवाएं और वैक्सीन भी इस सूची में शामिल हैं।
कितना बढ़ेगा दाम?
दवाओं की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई दवा पहले 100 रुपए की थी, तो अब वह करीब 100.65 रुपए में मिलेगी। यानी प्रति दवा बढ़ोतरी बहुत कम है, लेकिन जो लोग नियमित रूप से कई दवाएं लेते हैं, उनके खर्च में थोड़ा इजाफा हो सकता है।
अन्य दवाओं पर ज्यादा बढ़ोतरी संभव
जो दवाएं NLEM सूची में शामिल नहीं हैं, उनके दाम दवा कंपनियां साल में 10% तक बढ़ा सकती हैं, जिससे कुछ दवाएं और महंगी हो सकती हैं।

More Stories
BREAKING NEWS : इंडोनेशिया में भूकंप के जबरदस्त झटके, कई इमारतें गिरीं’ 20 लोगों की मौत
‘दिमागी नक्सली मौके की तलाश में हैं…’PM Modi’ ने किसे दी चेतावनी
‘India’s Got Latent’ विवाद में समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की FIR