EV Market— राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और घरेलू बजट पर बढ़ते दबाव के बीच आम उपभोक्ताओं का रुझान अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। बाजार में मौजूद दर्जनों नए-पुराने विकल्पों के कारण ग्राहकों में असमंजस की स्थिति है। इस बीच, अपनी पारंपरिक साख और मजबूत बनावट के दम पर बजाज चेतक (Bajaj Chetak) दिल्ली के कनॉट प्लेस, विकास मार्ग और धौला कुआं जैसे व्यस्त रूटों पर रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक किफायती और भरोसेमंद साधन बनकर उभरा है।
EV Market: पेट्रोल-डीजल की मार से परेशान दिल्लीवालों के लिए मजबूत विकल्प बना Bajaj Chetak, जानें कीमत और रेंज

मेटल बॉडी की मजबूती और लंबी रेंज का कॉम्बो
दिल्ली की तंग गलियों और भारी ट्रैफिक वाले रास्तों पर गाड़ियों में मामूली स्क्रेच या डेंट लगना आम बात है। फाइबर बॉडी वाले दूसरे स्कूटरों के मुकाबले बजाज चेतक को इसकी ठोस मेटल बॉडी के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जो इसे लंबी अवधि के लिए टिकाऊ बनाती है। कंपनी ने बाजार में इसकी पकड़ मजबूत करने के लिए इसे अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से C2501, C3001 और C35 जैसी सीरीज में उतारा है। दिल्ली के दैनिक यात्रियों के लिए इसकी रेंज सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है। यह स्कूटर सिंगल चार्ज में वेरिएंट के आधार पर 113 किमी से लेकर 151 किमी तक की वास्तविक रेंज देने की क्षमता रखता है। दिल्ली में इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 96,504 रुपए तय की गई है, जो राज्य सरकार की नीतियों और सब्सिडी के साथ स्थानीय स्तर पर और भी व्यावहारिक हो जाती है।
Voices from the Ground / Official Statements
“पेट्रोल की कीमतें जेब पर भारी पड़ रही थीं। कड़कड़डूमा से हमारे ऑफिस की दूरी रोज की करीब 40 किलोमीटर बैठती है। मेटल बॉडी होने की वजह से चेतक दिल्ली के ट्रैफिक के लिहाज से सुरक्षित महसूस होता है और महीने का पेट्रोल का खर्च सीधे एक-तिहाई रह गया है।”
— आकाश शर्मा, स्थानीय निवासी व आईटी पेशेवर, लक्ष्मी नगर
Impact on Residents / What Comes Next
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के पंजीकरण केंद्रों पर कमर्शियल और पर्सनल दोनों ही श्रेणियों में टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहनों के ग्राफ में पिछले साल के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आने वाले समय में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क कश्मीरी गेट से लेकर साकेत तक और सघन होने वाला है, जिससे रेंज की चिंता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। जो लोग रोजाना 50 से 70 किलोमीटर की यात्रा करते हैं, उनके लिए यह स्विच न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि मासिक बचत का एक बड़ा जरिया बन चुका है। प्रशासन भी प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ईवी खरीदारों को रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में राहत देना जारी रख रहा है।

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