दुर्ग, 22 जून 2025: दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने एक सख्त और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए एक पुलिस आरक्षक को निलंबित कर दिया है। आरक्षक क्रमांक 815 हरेराम यादव पर एक जमीन विवाद में शिकायतकर्ता को फर्जी मामलों में फंसाने और डराने-धमकाने का गंभीर आरोप था। यह घटना पुलिस बल की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, लेकिन दुर्ग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बड़ा कोई नहीं और जनता को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला तब सामने आया जब सुभाष चौक, सुपेला निवासी युवराज राम यादव ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई। युवराज ने बताया कि कुछ लोग, जिनमें नायर भी शामिल थे, उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरक्षक हरेराम यादव, जो 13वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ कोरबा से थे और केंद्रीय जेल दुर्ग में तैनात थे, इस विवाद में गैरकानूनी तरीके से शामिल थे और अपनी वर्दी का दुरुपयोग कर युवराज राम यादव को प्रताड़ित कर रहे थे।
दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विजय अग्रवाल ने इस मामले की गंभीरता को समझा और बिना किसी देरी के आरक्षक हरेराम यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन के बाद उन्हें वापस 13वीं वाहिनी मुख्यालय छत्तीसगढ़ कोरबा भेजा जा रहा है। निलंबन अवधि के दौरान हरेराम यादव को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने समाज को यह संदेश दिया है कि सत्ता का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जनता के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस बल में शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



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