कागजों में उगे चने के पौधे
रायपुर, छत्तीसगढ़: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) योजना में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने कागजों पर चने की खेती दिखाकर लाखों रुपये का गबन किया है। यह मामला रायपुर में दलहन उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जा रही NFSM योजना से जुड़ा है।
योजना के तहत, रायपुर जिले में 100 हेक्टेयर भूमि पर चना बोने और 100 किसानों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, शुरुआती जाँच में खुलासा हुआ है कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने केवल 20 हेक्टेयर भूमि पर ही चने की वास्तविक खेती की। शेष 80 हेक्टेयर भूमि पर केवल कागजों पर ही उत्पादन दिखाया गया, जिससे लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है।
इस धांधली में कई ऐसे व्यक्तियों को भी किसान और बीज प्राप्तकर्ता के रूप में सूचीबद्ध किया गया जो वास्तव में किसान नहीं थे। इसके अतिरिक्त, कुछ वास्तविक किसानों को भी निर्धारित मात्रा से कम बीज दिए गए, और कई किसानों को उन बीजों के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया जो उन्हें मुफ्त में मिलने चाहिए थे। एक जाँच समिति ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि अधिकारियों ने कथित तौर पर आवंटित चने के बीज और कीटनाशकों को खुले बाजार में बेच दिया।
इस मामले में अब तक दो कृषि विस्तार अधिकारियों को दोषी पाया गया है, लेकिन घोटाले की गहन जाँच अभी भी जारी है। यह घटना दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं में किस तरह से भ्रष्टाचार के माध्यम से जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोग और संगठन इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जाँच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सके।



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