रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में आरटीओ ई-चालान से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी परिवहन विभाग की वेबसाइट का नकली (क्लोन) पेज बनाकर आम नागरिकों को ट्रैफिक नियम तोड़ने के नाम पर डराने वाले संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में दिए गए फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो रही है और बैंक खातों से पैसे उड़ाए जा रहे हैं।
यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान मैसेज, लिंक, एपीके फाइल या निजी मोबाइल नंबर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे सभी लिंक पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं और साइबर ठगी का माध्यम बन रहे हैं।
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केवल आधिकारिक वेबसाइट से करें ई-चालान की जांच व भुगतान
परिवहन विभाग ने बताया कि वास्तविक ई-चालान की जानकारी और भुगतान के लिए केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in
का ही उपयोग करें। वेबसाइट पर जाकर “Pay Online” विकल्प पर क्लिक करें, फिर चालान नंबर और कैप्चा कोड भरकर “Get Detail” पर क्लिक करें। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने पर चालान का पूरा विवरण देखा जा सकता है।
पंजीकृत नंबर पर ही आती है ई-चालान की सूचना
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यातायात पुलिस या परिवहन विभाग द्वारा जब भी ई-चालान किया जाता है, उसकी सूचना केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही भेजी जाती है। किसी निजी नंबर, व्हाट्सऐप मैसेज या संदिग्ध लिंक के जरिए भेजी गई सूचना पर भरोसा न करें।
फर्जी कॉल और ऐप से रहें सावधान
परिवहन और यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कभी भी किसी अजनबी को ऑनलाइन भुगतान न करें और बैंक खाते से जुड़े लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, संदेश या संदिग्ध ऐप के संबंध में तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

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