CG BREAKING : बिलासपुर। दुर्ग जनपद पंचायत के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश पांडेय को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। भाजपा नेता के साथ विवाद के दौरान कथित रूप से उंगली दिखाकर धमकी देने के मामले में जारी निलंबन आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निलंबन को वैध और नियमसम्मत माना है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों और प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर निलंबन आदेश में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं पाई गई। इसलिए न्यायालय ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
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गौरतलब है कि दुर्ग जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता और जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ रूपेश पांडेय के बीच विवाद का मामला सामने आया था। इस दौरान अधिकारी पर भाजपा नेता को उंगली दिखाकर धमकी देने और अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला काफी चर्चा में रहा।
विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रूपेश पांडेय को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने सरकार की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले को प्रशासनिक अनुशासन और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर आसीन अधिकारियों से मर्यादित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

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