नई दिल्ली | ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने तमिलनाडु दौरे से लौटने के तुरंत बाद, आज रात करीब 9:30 बजे इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
क्यों अहम है यह बैठक?
मिडिल ईस्ट में शनिवार को हुए अमेरिका-इजरायल हमले और उसके बाद ईरान द्वारा कई देशों पर दागी गई मिसाइलों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। भारत के लिए यह स्थिति कई मोर्चों पर संवेदनशील है:
-
भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों (सऊदी अरब, कतर, यूएई) में लाखों भारतीय नागरिक कार्यरत हैं। उन पर मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए रेस्क्यू प्लान पर चर्चा संभव है।
-
कच्चे तेल की कीमतें: युद्ध की स्थिति में तेल की आपूर्ति बाधित होने से भारत की अर्थव्यवस्था और पेट्रोल-डीजल के दामों पर सीधा असर पड़ सकता है।
-
रणनीतिक रुख: बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका और कूटनीतिक रुख की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में देश के शीर्ष रणनीतिकार शामिल रहेंगे:
-
राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री)
-
अमित शाह (गृह मंत्री)
-
एस. जयशंकर (विदेश मंत्री)
-
निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री)
-
अजीत डोभाल (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार – NSA)
तमिलनाडु दौरे से सीधे बैठक में पहुंचेंगे पीएम
प्रधानमंत्री मोदी फिलहाल तमिलनाडु के पूर्व निर्धारित दौरे पर हैं। वहां से वापसी के तुरंत बाद वे बिना विश्राम किए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा मामलों की इस सर्वोच्च समिति के साथ बैठेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद भारत सरकार मिडिल ईस्ट के हालात पर कोई आधिकारिक बयान या अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवायजरी जारी कर सकती है।

More Stories
BREAKING NEWS : पंजाबी सिंगर गुलाब सिद्धू के घर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, पहले मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी’ CCTV में कैद वारदात
BRICS Summit 2026 : सप्लाई चेन मजबूत करने का प्रस्ताव, स्टार्टअप और डिजिटल कृषि पर भी फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): अब 2024 तक के रहवासी होंगे पात्र, कटऑफ सीमा बढ़ी