Ram Mandir’ अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये की अनियमितता और चोरी के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई बात नहीं थी, बल्कि यह लंबे समय से चल रही थी।
महिपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार चढ़ावे के हिसाब-किताब में गड़बड़ी देखी थी। उनके अनुसार, एक बार उन्होंने खुद कथित चोरी का मामला पकड़ा था और इसकी जानकारी मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही पद से हटा दिया गया।
“रोजाना होती थी चोरी”
पूर्व लेखा प्रभारी ने दावा किया कि चढ़ावे की गिनती और रिकॉर्डिंग के दौरान नियमित रूप से अनियमितताएं सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले दान की पूरी पारदर्शिता नहीं रखी जा रही थी और कई बार राशि के मिलान में अंतर पाया गया।
महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तक पहुंचाई, तब उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें उनके पद से हटा दिया गया।
CCTV फुटेज डिलीट कराने का आरोप
महिपाल सिंह ने यह भी दावा किया कि कथित अनियमितताओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण CCTV फुटेज को डिलीट कराया गया। उनका कहना है कि यदि उन फुटेज की निष्पक्ष जांच की जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी समय-समय पर ऐसे आरोपों को खारिज किया जाता रहा है और चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बताया गया है।
सियासत भी तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्षी दल इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग आरोपों को निराधार और भ्रामक बता रहे हैं।
राजनीतिक दलों का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वहीं, ट्रस्ट समर्थकों का कहना है कि बिना ठोस सबूतों के लगाए जा रहे आरोपों से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
जांच की मांग
विवाद बढ़ने के बीच विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी नेताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट कर लोगों के बीच फैली भ्रम की स्थिति को दूर किया जाना चाहिए।
फिलहाल, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

More Stories
Rajnath Singh Kargil Vijay Diwas Speech : द्रास से राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर निशाना, बोले- भारत तकनीक से आगे बढ़ रहा, पड़ोसी आतंकवाद में उलझा
Greater Noida STP tank accident : जहरीली गैस से सफाईकर्मी और गार्ड की मौत
27th Anniversary of the Kargil War : कारगिल विजय के 27 साल – जल, थल और नभ में पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हुआ भारत