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AI VIDEO Controversy : AI वीडियो में ईशु को बताया भगवान शिव और विष्णु का पिता, हिंदू संगठनों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

AI VIDEO Controversy : रायपुर। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार वीडियो को लेकर राजधानी रायपुर में विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने वीडियो पर कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया है कि विशेष समुदाय से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा प्रसारित वीडियो में ईशु को भगवान शिव और भगवान विष्णु का पिता बताया गया है तथा हिंदू देवी-देवताओं से ऊपर दर्शाने का प्रयास किया गया है। संगठनों का कहना है कि इस वीडियो से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

धार्मिक भावनाएं भड़काने का लगाया आरोप

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वीडियो में धार्मिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है। उनका आरोप है कि एआई तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसा कंटेंट तैयार किया गया, जिसका उद्देश्य हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंचाना और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करना है। संगठनों ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की सामग्री तेजी से वायरल होने से समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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थाने पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, कार्रवाई की मांग

हिंदू संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित थाने पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा। शिकायत में वीडियो तैयार करने, उसे अपलोड करने और प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान कर उसके खिलाफ भारतीय कानून के तहत उचित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तत्काल हटाने की भी मांग उठाई गई है।

पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन

पुलिस अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। वीडियो की तकनीकी जांच कर उसके मूल स्रोत और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट का पता लगाया जाएगा। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

AI तकनीक के दुरुपयोग पर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद एआई तकनीक के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI के माध्यम से फर्जी और भ्रामक वीडियो तैयार करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो की सत्यता की पुष्टि किए बिना उसे साझा करना उचित नहीं है।

सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील

पुलिस और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी धार्मिक या संवेदनशील सामग्री को बिना सत्यापन के आगे साझा न करें। प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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