रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए शुरू किए गए VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप को लेकर उठे विवाद पर शिक्षा मंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐप में किसी तरह की तकनीकी समस्या या खामी सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों को परेशान करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा- व्यवस्था सुधारने के लिए है ऐप
शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शिक्षा व्यवस्था की निगरानी, स्कूलों की स्थिति की जानकारी और बेहतर योजना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का उद्देश्य किसी पर अनावश्यक दबाव बनाना नहीं है, बल्कि स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों और शैक्षणिक गतिविधियों की सही जानकारी प्राप्त करना है।
उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने में शुरुआती दौर में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। यदि शिक्षकों या कर्मचारियों को ऐप के उपयोग में कोई दिक्कत आ रही है तो विभाग उसे दूर करने के लिए तैयार है।
शिक्षकों ने उठाई थीं तकनीकी समस्याओं की बात
VSK ऐप को लेकर प्रदेश के कई शिक्षकों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने रखी थीं। कुछ शिक्षकों का कहना था कि ऐप में डेटा अपडेट करने, लॉगिन करने और अन्य प्रक्रियाओं में परेशानी आ रही है। इंटरनेट कनेक्टिविटी और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
शिक्षकों की इन शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने स्थिति की समीक्षा करने की बात कही है। विभाग का कहना है कि जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
डिजिटल मॉनिटरिंग से शिक्षा व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि VSK ऐप के माध्यम से स्कूलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे अधिकारियों को स्कूलों की वास्तविक स्थिति समझने, समस्याओं की पहचान करने और समय पर समाधान करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था लागू होने से योजनाओं की निगरानी आसान होगी और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
विपक्ष और संगठनों ने भी उठाए थे सवाल
VSK ऐप को लेकर विपक्ष और कुछ शिक्षक संगठनों ने भी सरकार से व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे थे। उनका कहना था कि तकनीक लागू करने से पहले शिक्षकों को पर्याप्त प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की बात सुन रही है और जरूरी सुधारों के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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