CGPSC Scam , रायपुर — CGPSC Scam ने एक बार फिर सुर्खियां पकड़ ली हैं। अग्रिम जमानत याचिका खारिज—यही वो लाइन है जिसने पूरे केस का रुख बदल दिया। आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने साफ कहा—पेपर लीक मजाक नहीं, यह युवाओं के भविष्य पर सीधा वार है। मामले की जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने करीब 30-35 उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे।
भर्ती घोटाले में सुनवाई के दौरान कोर्ट का मूड साफ दिखा। नरमी नहीं। कोई ढील नहीं। जस्टिस बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी सिर्फ नियम तोड़ना नहीं—यह मेहनत करने वाले हजारों उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।उत्कर्ष चंद्राकर, जो रायपुर के शांति नगर का निवासी बताया जा रहा है, इस केस में प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हेरफेर की आशंका है।
CBI की एंट्री, केस हुआ हाई-वोल्टेज
मामले की जांच अब के हाथ में है। इसका मतलब साफ है—केस सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा। फाइलें खुलेंगी, कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जाएंगे, और हर कड़ी जोड़ी जाएगी। एक अधिकारी ने ऑफ रिकॉर्ड कहा, “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं दिखता। नेटवर्क बड़ा हो सकता है।”
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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