Categories

May 6, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

CM Vishnudev Say’ का एक्शन मोड’ खबर पढ़ते ही कलेक्टर को लगाया फोन, मैनपाट की बस्ती में पेयजल संकट दूर करने के निर्देश

CM Vishnudev Say’ रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संवेदनशीलता की एक और मिसाल पेश की है। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल की किल्लत और दूषित पानी पीने की मजबूरी से जुड़ी खबर पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्र में युद्ध स्तर पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अखबार की सुर्खी देख गंभीर हुए मुख्यमंत्री

बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जब समाचार पत्रों का अवलोकन किया, तो उनकी नजर एक खबर पर पड़ी जिसका शीर्षक था— “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी”। खबर में बताया गया था कि मैनपाट जैसे पर्यटन क्षेत्र के पास होने के बावजूद चेराजोबला बस्ती के ग्रामीण झरिया (ढोढ़ी) और नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

Raipur DSR 6 May 2026: तेलीबांधा व अभनपुर से दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण

मुख्यमंत्री ने इस मानवीय समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया।

सरगुजा कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

खबर पढ़ने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत को फोन लगाया और वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

  • त्वरित समाधान: मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए कि बस्ती में पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

  • स्वास्थ्य की चिंता: उन्होंने कहा कि दूषित जल के कारण ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • प्रशासनिक सक्रियता: मुख्यमंत्री के फोन के बाद जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की टीम सक्रिय हो गई है।

क्या है ढोढ़ी का पानी और ग्रामीण क्यों हैं मजबूर?

पहाड़ी क्षेत्रों में जब हैंडपंप या नल-जल योजना नहीं पहुंच पाती, तो ग्रामीण जमीन के भीतर से निकलने वाले पानी के छोटे स्रोतों (ढोढ़ी या झरिया) पर निर्भर हो जाते हैं। बारिश के दिनों में इन जलस्रोतों में गंदगी मिल जाती है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। चेराजोबला बस्ती के ग्रामीण लंबे समय से एक पक्के बोरवेल और नल कनेक्शन की मांग कर रहे थे।

संवेदनशील सरकार का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम की सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर काफी प्रशंसा हो रही है। यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर सीधे हस्तक्षेप किया हो। इससे पहले भी स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मामलों में वे इसी तरह त्वरित निर्णय ले चुके हैं।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay