उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार ने वह कर दिखाया जिसे आज पूरा देश सलाम कर रहा है। मिश्रा परिवार के चारों बच्चों ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया कि मेहनत, समर्पण और पारिवारिक सहयोग से किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है।
पिता अनिल प्रकाश मिश्रा एक बैंक कर्मचारी रहे हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने हमेशा संकल्पित होकर मेहनत की। सबसे बड़े बेटे योगेश मिश्रा ने इंजीनियरिंग के बाद कॉर्पोरेट जॉब छोड़ UPSC की तैयारी की और पहले ही प्रयास में IAS बने। फिर उन्होंने अपनी बहन माधुरी मिश्रा को गाइड किया, जिन्होंने 2014 में UPSC पास कर IAS बनकर झारखंड कैडर जॉइन किया।
इसके बाद छोटे भाई लोकेश मिश्रा ने IIT दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद UPSC में 44वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया। सबसे छोटी बहन क्षमा मिश्रा, जो पहले तीन प्रयासों में असफल रही थीं, लेकिन चौथी बार में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और IPS बन गईं।
चारों भाई-बहनों ने एक-दूसरे की तैयारी में मदद की, एक-दूसरे के लिए मार्गदर्शन, नोट्स और प्रेरणा का काम किया। आज ये सभी अधिकारी देश की सेवा कर रहे हैं।
मिश्रा परिवार की यह कहानी इस बात का सबूत है कि यदि पूरे परिवार में समर्पण और एकजुटता हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता। यह कहानी लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो UPSC या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

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