रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अहम बैठक होने वाली है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रही गृह विभाग की इस बैठक के संबंध में गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों के संबंध में चर्चा की जाएगी. छत्तीसगढ़ में अवैध तरीके से रह रहे पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों को बाहर किया जाएगा.
गृह मंत्री विजय शर्मा ने चर्चा में कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बहुत से लोग संदेहास्पद तरीके से रह रहे हैं. उनकी पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा. कुछ संदेही पकड़े भी गए हैं. वहीं विजिटर वीजा, लांग टर्म और मेडिकल वीजा पर पाकिस्तान से आए लोगों के संबंध में चर्चा करने के साथ, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन से आगे क्या करना है, तय किया जाएगा.
गौरतलब है बीते 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कूटनीतिक एक्शन लेते हुए भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं. इसके साथ ही उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने का आदेश दिया गया है. भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा अब केवल 27 अप्रैल तक ही वैध रहेगा, जबकि मेडिकल वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक की मोहलत दी गई है.
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भारत सरकार के आदेश के पर अब छत्तीसगढ़ में भी पाकिस्तानी नागरिकों की जांच शुरू हो गई है. सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में करीब 2000 पाकिस्तानी नागरिक मौजूद हैं, जिनमें से लगभग 1800 अकेले रायपुर में रहते हैं. इनमें अधिकांश सिंधी समुदाय से हैं. पुलिस द्वारा वीजा और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक तय समय सीमा से अधिक भारत में न रहे.
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को जारी दीर्घकालिक वीजा रद्द नहीं किए जाएंगे और उन्हें देश छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि, बिजनेस, मेडिकल या धार्मिक वीजा पर आए लोगों को निर्धारित समयसीमा में भारत छोड़ना अनिवार्य होगा. सार्क वीजा धारकों को फिलहाल तत्काल निकासी की जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी भी जांच जारी है.
गौरतलब है कि रायपुर में पाकिस्तानी मूल के सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं. ये लोग आमतौर पर अपने रिश्तेदारों से मिलने, इलाज कराने या धार्मिक उद्देश्यों से भारत आते हैं. कई लोग बिजनेस और मेडिकल वीजा के तहत भी यहां बसे हैं. सड्डू, महावीरनगर, बोरियाकला और माना रोड जैसे इलाकों में उन्होंने अपने घर बना लिए हैं. इनमें से कुछ को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है, जबकि कई अभी भी प्रक्रिया में हैं.

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