Huawei ने हाल ही में MateBook Fold नाम का एक नया फोल्डेबल लैपटॉप पेश कर दिया है, जिसने अमेरिका-चीन टेक वॉर में फिर हलचल मचा दी है। इस डिवाइस में लगा प्रोसेसर चीनी मैन्युफैक्चरर SMIC का बनाया हुआ 7-नैनोमीटर चिप है। टेक्निकली यह प्रक्रिया पुरानी मानी जाती है, मगर यह साफ इशारा देती है कि चीन अब अपनी ही टेक्नोलॉजी के दम पर आगे बढ़ना चाहता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी प्रतिबंध अभी भी उसे अत्याधुनिक चिप्स तक पहुंचने से रोक रहे हैं।
TSMC से अब भी कई साल पीछे चीन
Huawei की इस मशीन में वही 7 nm चिप लगी है जो कंपनी ने 2023 में Mate 60 Pro में इस्तेमाल की थी। हालांकि अमेरिका इस प्रगति से चौंका, ताइवान की TSMC साल के अंत तक 2 nm चिप का उत्पादन शुरू करने वाली है—यानि चीन करीब तीन साल पीछे है।
आखिर चीन के लिए चिप-मेकिंग मुश्किल क्यों?
रिपोर्टों के मुताबिक, SMIC आज भी 5 nm चिप्स के बड़े-पैमाने पर उत्पादन में सक्षम नहीं है। वजह यह है कि अमेरिका ने ASML जैसी कंपनियों को चीन को उन्नत लिथोग्राफी मशीनें बेचने पर रोक लगा रखी है, जिससे चीनी फैब्रिकेशन क्षमता सीमित हो गई है।
Huawei और SMIC पर टिकी उम्मीदें
अब चीन की निगाहें Huawei और SMIC पर हैं। अमेरिका, राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर, चीन को AI-ग्रेड चिप्स से दूर रखने की हर कोशिश कर रहा है—खासतौर पर Nvidia की हाई-एंड GPU यूनिट्स पर प्रतिबंध लगाकर। 2025 में चीनी AI स्टार्ट-अप DeepSeek के उभरने से अमेरिकी टेक दिग्गजों की मार्केट वैल्यू पर असर पड़ा है, जिसके चलते वॉशिंगटन और कड़े कदम उठा रहा है।

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