Vastu Tips For Home: हर कोई चाहता है कि उसका घर हमेशा शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे। लेकिन कई बार सब कुछ ठीक होने के बाद भी माहौल में भारीपन महसूस होता है या मन अचानक बेचैन होने लगता है। ऐसे में अक्सर लोग मानते हैं कि घर पर किसी की बुरी नजर लग गई है। वास्तु शास्त्र में बुरी नजर से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। ऐसे में यदि घर को बुरी नजर से बचाना हो, तो आप वास्तु के कुछ उपायों को अपना सकते हैं। इनकी मदद से आप घर को नकारात्मक प्रभावों से बचाया जा सकता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मुख्य द्वार
घर का मुख्य दरवाजा ऊर्जा के आवागमन का सबसे अहम स्थान होता है। आप यहां स्वस्तिक, ओम या शुभ-लाभ जैसे पवित्र प्रतीकों का लगा सकते हैं। यदि आप कोई धार्मिक प्रतीक नहीं रखना चाहते, तो दरवाजे के पास एक कटोरी में फिटकरी रख सकते हैं। इसे हर हफ्ते बदल दें क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती है।
दक्षिण-पूर्व दिशा में जलाएं दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को शक्ति की दिशा माना गया है। इस दिशा में पीतल के दीपक में अखंड ज्योत जलाना और चंदन की लकड़ी की चौकी पर तांबे का स्वस्तिक रखना घर में सकारात्मकता बढ़ाता है।
ईशान कोण को रखें साफ
उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना गया है और यही से शुभ ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। इस स्थान को हमेशा स्वच्छ और खाली रखें। भारी सामान या बेकार चीजें यहां रखने से बचें।
घर के वातावरण को पवित्र करने के लिए धूप और सुगंधित जड़ी-बूटियों का उपयोग करें। दक्षिण-पूर्व दिशा में सफेद चंदन या कपूर जलाना लाभदायक होता है। वहीं दक्षिण-पश्चिम दिशा में देवदार या लोबान की सुगंध से सुरक्षा और स्थिरता बनी रहती है।
तुलसी का पौधा घर में रखें
तुलसी का पौधा ना सिर्फ आयुर्वेद में, बल्कि वास्तु में भी अत्यंत शुभ माना गया है। इसे पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में खिड़की या दरवाजे के पास लगाएं। तुलसी के गुण हवा को शुद्ध करते हैं और वातावरण को रोगों से मुक्त रखते हैं।
शुभ प्रतीक और तस्वीर
दक्षिण दिशा में भगवान हनुमान की तस्वीर लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
उत्तर-पूर्व दिशा में मोर की पेंटिंग या भगवान गणेश की तस्वीर लगाने से नजर दोष से रक्षा होती है।
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
चॉइस एवं सामान्य सेवा सुविधाओं के माध्यम से जनसेवा ही मेरा मुख्य आधार है। एक वकील, संपादक और लेखक के रूप में मेरी भूमिका लाभार्जन के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है।
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