अमेरिकी अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही में गिरावट, इंपोर्ट में तेजी बनी वजह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच अमेरिका की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है। जनवरी से मार्च 2025 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 0.2% की गिरावट दर्ज की गई है, जो बीते तीन वर्षों में पहली बार हुआ है। अमेरिकी सरकार ने इस अवधि का दूसरा जीडीपी अनुमान जारी किया है, जो पहले अनुमान की तुलना में थोड़ा बेहतर है।
इस गिरावट की प्रमुख वजह इंपोर्ट में तेज़ी रही, क्योंकि कंपनियों ने राष्ट्रपति द्वारा भारी इंपोर्ट ड्यूटी लगाए जाने से पहले विदेशी सामान खरीदने में तेजी दिखाई। नतीजतन, अमेरिका में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान इंपोर्ट में 42.6% की उछाल आई, जो 2020 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे तेज वृद्धि है। इस बढ़ोतरी ने जीडीपी ग्रोथ को पांच प्रतिशत से भी अधिक घटा दिया। साथ ही, उपभोक्ता खर्च में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे आर्थिक विकास पर और दबाव पड़ा।
गौरतलब है कि जीडीपी में केवल घरेलू उत्पादन को शामिल किया जाता है, इसलिए आयात को इससे घटाया जाता है ताकि आंकड़े कृत्रिम रूप से न बढ़ें। पहली तिमाही में इंपोर्ट की यह तेजी संभवतः दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में नहीं दिखेगी, जिससे जीडीपी पर इसका अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
वाणिज्य विभाग इस वर्ष की पहली तिमाही के तीन जीडीपी अनुमानों में से अंतिम संस्करण 26 जून को जारी करेगा।
महंगाई दर में राहत
इससे पहले, अमेरिका के श्रम विभाग ने 13 मई को महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई दर लगातार तीसरे महीने घटकर 2.3% पर आ गई, जो पिछले चार वर्षों में सबसे कम है। मार्च में यह दर 2.4% थी। उपभोक्ता कीमतों में यह धीमी वृद्धि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।



More Stories
India US Trade Deal : भारत-अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील’ अमेरिकी बाजार के दरवाजे खुले, भारतीय सामान पर 50% से घटकर 18% हुआ टैक्स
RBI Digital Fraud Compensation : जिटल फ्रॉड पर RBI का कड़ा रुख अब ग्राहकों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजा, जानें नए नियम
Budget 2026-27 : बजट बहस से पहले लोकसभा में नारेबाजी, स्पीकर ने सदन को सोमवार तक किया स्थगित