Tehran Violence , नई दिल्ली/तेहरान। ईरान की राजधानी तेहरान से दिल्ली पहुंची पहली विशेष फ्लाइट के साथ सिर्फ भारतीय नागरिक ही नहीं लौटे, बल्कि वहां के हालात की भयावह जमीनी हकीकत भी सामने आई है। फ्लाइट से लौटे भारतीयों ने बताया कि ईरान में बीते कई दिनों से हालात बेहद खराब हैं। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गए, जिससे आम लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई।
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भारत लौटे यात्रियों के मुताबिक तेहरान की सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार झड़पें हो रही थीं। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दीं। मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया और लोगों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए, जिससे हजारों लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए।
फ्लाइट से लौटे छात्रों, जियारत पर गए श्रद्धालुओं और वहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों ने बताया कि बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। खाने-पीने की चीजों की किल्लत होने लगी और हर समय डर बना रहता था कि कब और कहां हिंसा भड़क जाए। कई बार गोलियों और आंसू गैस के इस्तेमाल की आवाजें रातभर सुनाई देती थीं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल था।
एक छात्र ने बताया, “इंटरनेट और मोबाइल बंद होने से हम अपने परिवार से बात तक नहीं कर पा रहे थे। हर दिन डर के साए में गुजर रहा था। हमें समझ नहीं आ रहा था कि हालात कब सुधरेंगे और हम सुरक्षित घर लौट पाएंगे या नहीं।” वहीं एक बुजुर्ग यात्री ने कहा, “हम जियारत के लिए गए थे, लेकिन वहां हालात ऐसे हो जाएंगे, इसका अंदाजा नहीं था। भगवान और भारत सरकार की वजह से आज सुरक्षित वापस लौट पाए हैं।”

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