नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025। सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला IPS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए अपने पूर्व पति और ससुराल पक्ष से बिना शर्त माफी मांगने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि अधिकारी ने वैवाहिक विवाद के चलते अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए थे, जिनकी वजह से आरोपी पक्ष को जेल में दिन बिताने पड़े।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा,
“पति को 109 दिन और उसके पिता को 103 दिन जेल में बिताने पड़े, जिसका कोई भी मुआवजा नहीं हो सकता।”
कोर्ट ने महिला अधिकारी और उसके माता-पिता को आदेश दिया है कि वे पीड़ित पति और उसके परिजनों से बिना शर्त माफी मांगें, और यह माफीनामा हिंदी और अंग्रेजी के एक-एक राष्ट्रीय अखबार में प्रकाशित करवाया जाए।
इतना ही नहीं, माफीनामे को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी 3 दिनों के भीतर प्रसारित करना अनिवार्य किया गया है।

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