Som Pradosh Vrat 2025 नई दिल्ली। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और हर माह की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जब यह तिथि सोमवार को पड़ती है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस वर्ष सोम प्रदोष व्रत 17 नवंबर 2025 को मनाया जा रहा है। प्रदोष काल को शिव-पार्वती की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
पूजा और कथा पाठ से मिलते हैं विशेष फल
मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करने से जीवन के सभी दुख, रोग और दरिद्रता दूर होती है। श्रद्धापूर्वक व्रत करने वाला व्यक्ति शिव-कृपा से समृद्धि और सुख प्राप्त करता है।
सोम प्रदोष व्रत की पावन कथा
एक समय की बात है, एक नगर में एक गरीब लेकिन धर्मपरायण ब्राह्मण अपनी सुंदर और सुशील पत्नी के साथ भिक्षा मांगकर जीवन यापन करता था। एक दिन भिक्षा के दौरान उसे एक घायल राजकुमार मिला, जो विदर्भ देश का था। शत्रुओं ने राजकुमार के पिता की हत्या कर उसका राज्य छीन लिया था।
ब्राह्मण दंपति राजकुमार को घर ले आए और उसकी सेवा की।
कुछ दिनों बाद तीनों भिक्षा के लिए बाहर निकले, जहां उन्हें रास्ते में एक संत मिले। संत ने बताया कि उस दिन सोम प्रदोष व्रत है और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
ब्राह्मण दंपति और राजकुमार ने संत के निर्देशानुसार सोम प्रदोष व्रत रखा और प्रदोष काल में भगवान शिव की विधिवत पूजा की।
व्रत के प्रभाव से बदली किस्मत
कथा के अनुसार, सोम प्रदोष व्रत के प्रभाव से राजकुमार अपने राज्य को पुनः प्राप्त करने में सफल हुआ। उसने ब्राह्मण दंपति को धन-संपत्ति देकर उनका जीवन सुखमय बना दिया। शिव कृपा से उनके जीवन की दरिद्रता दूर हो गई।
कथा पाठ के लाभ
मान्यता के अनुसार, सोम प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करने से—
-
जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं
-
घर में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है
-
मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
-
शिव-पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है
श्रद्धा, निष्ठा और भक्ति के साथ व्रत व कथा पाठ करने वालों की सभी इच्छाएं भगवान शिव अवश्य पूर्ण करते हैं।



More Stories
Makar Sankranti 2026 : इस शुभ योग में करें भगवान शिव की पूजा, पूर्वजों की मिलेगी कृपा
Chanakya Niti : जीवन में उतारेंगे चाणक्य की ये बातें, तो कभी नहीं टूटेगा हौसला
Makar sankranti : इस मकर संक्रांति, गंगा स्तोत्र की स्तुति से करें अपने दिन की शुरुआत, मिलेंगे पुण्य फल