Papmochani Ekadashi 2026 , नई दिल्ली — सनातन धर्म में चैत्र मास की शुरुआत के साथ ही व्रत-त्योहारों का सिलसिला तेज हो जाता है। पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में यह व्रत 14 मार्च को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
वैदिक गणना के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 मार्च, 2026 को रात 11:22 बजे होगी। तिथि का समापन 14 मार्च, 2026 को रात 10:15 बजे होगा। उदय तिथि के सिद्धांतों का पालन करते हुए, व्रत 14 मार्च (शनिवार) को ही रखा जाएगा।
व्रत का पारण (व्रत खोलने का समय) 15 मार्च को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, पारण के लिए सबसे शुभ समय सुबह 06:31 से 08:52 के बीच रहेगा। इस समय के दौरान ब्राह्मण भोज या दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
“पापमोचनी एकादशी का अर्थ ही है पापों को नष्ट करने वाली। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी साधक के मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धिकरण के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इस दिन पीले वस्त्र पहनकर श्रीहरि का पूजन करना चाहिए।”
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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