Raksha Bandhan’ नई दिल्ली। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं में राखी को रक्षा-सूत्र का दर्जा दिया गया है। ऐसे में अगर राखी अचानक टूट जाए तो कई लोगों के मन में चिंता पैदा हो जाती है। हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग धार्मिक और लोक मान्यताएं प्रचलित हैं।
राखी टूटने पर क्या करना चाहिए?
मान्यताओं के अनुसार, अगर राखी बांधने के तुरंत बाद या कुछ समय बाद टूट जाए तो इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसे किसी अनहोनी का निश्चित संकेत नहीं माना जाता। रोजमर्रा के काम, कपड़े या किसी अन्य कारण से राखी का धागा टूट सकता है। ऐसी स्थिति में पुरानी राखी को सम्मानपूर्वक अलग करके नई राखी बांधी जा सकती है।
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कुछ धार्मिक मान्यताओं में रक्षा-सूत्र के टूटने को इस रूप में भी देखा जाता है कि राखी ने अपना दायित्व पूरा कर लिया। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक परंपराओं और स्थानीय विश्वासों पर आधारित हैं, इनके पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
टूटी राखी को कूड़े में न फेंकें
धार्मिक आस्था रखने वाले लोग राखी को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक रखने या विसर्जित करने की परंपरा अपनाते हैं। राखी अगर टूट जाए तो उसे साफ कपड़े में लपेटकर कुछ समय के लिए पूजा स्थान में रखा जा सकता है। इसके बाद उचित तरीके से इसका विसर्जन किया जा सकता है।
राखी का विसर्जन कैसे करें?
राखी के विसर्जन के लिए सबसे पहले उसे कलाई से सावधानीपूर्वक उतारें। इसके बाद उसे साफ कपड़े या कागज में लपेट लें। कई लोग पूजा सामग्री के साथ राखी को किसी पवित्र स्थान पर रखने की परंपरा का पालन करते हैं। यदि विसर्जन करना हो तो स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार प्राकृतिक और स्वच्छ तरीके को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। जल स्रोतों को प्रदूषित करने से बचना चाहिए।
अगर राखी टूट जाए तो भाई की कलाई पर नई राखी बांधी जा सकती है। इसके लिए किसी विशेष अनुष्ठान को अनिवार्य नहीं माना जाता। बहन दोबारा राखी बांधकर भाई की मंगलकामना कर सकती है।

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