Raipur Ghar Vaapasee , रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढियारी स्थित दहीहांडी मैदान में एक ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला, जहां 250 से अधिक परिवारों ने हिन्दू धर्म में घर वापसी की। यह कार्यक्रम जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी नरेंद्राचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस मौके पर भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सच्चिदानंद उपासने भी उपस्थित रहे।
धार्मिक माहौल में हुआ घर वापसी समारोह
गुढियारी के दहीहांडी मैदान में आयोजित इस घर वापसी कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों लोग पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने घर वापसी करने वाले परिवारों के पैर धोकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह केवल धर्म में वापसी नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का उत्सव है।”
परिवारों ने सुनाई अपनी आपबीती
घर वापसी करने वाले परिवारों ने बताया कि उन्हें बरगलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया था। उन्हें झूठे वादे किए गए कि इससे उनका जीवन बेहतर होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नए धर्म में उन्हें न मानसिक शांति मिली, न आत्मिक सुकून। अंततः उन्होंने अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया। एक परिवार ने कहा— “अब हमें अपने धर्म में लौटकर आत्मिक शांति का अनुभव हो रहा है।”
धर्मांतरण पर फिर शुरू हुई चर्चा
इस बड़े आयोजन के बाद छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन और घर वापसी पर फिर से बहस शुरू हो गई है। भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि “देश के अनेक हिस्सों में लोग अब अपने मूल धर्म में लौट रहे हैं, यह आत्मिक चेतना का संकेत है।”
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में स्वामी नरेंद्राचार्य जी ने कहा कि “धर्म एकता और समरसता का प्रतीक है। जो अपने धर्म में लौटते हैं, वे केवल परंपरा नहीं बल्कि आत्मिक मूल्यों की ओर लौटते हैं।

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