अंबाला। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को इतिहास रचते हुए राफेल लड़ाकू विमान में पहली बार उड़ान भरी। हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से यह उड़ान भरी गई, जिसमें राष्ट्रपति लगभग 20 मिनट तक विमान में रहीं।
इस ऐतिहासिक उड़ान के दौरान राष्ट्रपति के साथ विमान को ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया, जो भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरो” के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) हैं।
उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मु को एयरफोर्स स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वायुसेना प्रमुख ने भी एक अन्य राफेल विमान से उड़ान भरी, जिससे यह विशेष क्षण और भी यादगार बन गया।
राष्ट्रपति ने जताया गर्व और आभार
उड़ान पूरी होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने भारतीय वायुसेना के जज़्बे और तकनीकी दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि राफेल में उड़ान भरना उनके लिए एक “अविस्मरणीय अनुभव” रहा और यह भारतीय रक्षा क्षमताओं की सशक्तता का प्रतीक है।
राफेल स्क्वाड्रन का गौरव
अंबाला एयरबेस स्थित “गोल्डन एरो” स्क्वाड्रन राफेल विमानों से लैस पहली यूनिट है। राफेल को 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और तब से यह देश की वायु शक्ति का अहम हिस्सा बन चुका है।

More Stories
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन’ वोटिंग से पहले PM Modi ‘ की भावुक अपील
Politics News : शर्मनाक वाकया , विधायक प्रदीप अग्रवाल ने पहनाई माला, बाबा ने उतारकर चेहरे पर दे मारी
Nida Khan TCS HR Manager : कानूनी दांवपेच , प्रेग्नेंसी के आधार पर निदा खान ने मांगी अंतरिम जमानत, कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें