क्या कहा स्पीकर ने
ओम बिरला ने लोकसभा सत्र में बताया कि संसद में पहले से मिली जानकारी में ऐसा संकेत मिला था कि कुछ विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर “अप्रत्याशित और अप्रिय कदम” उठा सकते हैं। उन्होंने यह दृश्य स्वयं सदन में देखा भी बताया। ऐसे माहौल में यदि प्रधानमंत्री उपस्थित होते तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया।
सदन में गतिरोध और स्थगन
बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का उत्तर देने का कार्यक्रम तय था, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे और कार्यवाही में व्यवधान के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
सियासी गलियारों में स्पीकर के बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाला कदम बताया है, जबकि समर्थक पक्ष का कहना है कि यह सुरक्षा और संसदीय गरिमा की रक्षा के लिए आवश्यक था।



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