PM Kisan Yojana : नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों किसान परिवार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 21वीं किस्त (PM Kisan 21st Installment) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी किसानों को उम्मीद थी कि पैसा तय समय पर खाते में पहुंच जाएगा, लेकिन नवंबर 2025 तक किस्त जारी नहीं की गई है। अब सवाल उठ रहा है — आखिर PM Kisan की 21वीं किस्त में देरी क्यों हो रही है?
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क्यों रुकी 21वीं किस्त?
केंद्र सरकार ने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में स्पष्ट किया है कि इस बार की देरी का कारण फर्जी और संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान है।रिपोर्ट्स के अनुसार, लाखों ऐसे किसानों ने भी योजना में पंजीकरण कराया था जो मौजूदा पात्रता मानकों के अनुसार अयोग्य (Ineligible) हैं।
इनमें शामिल हैं:
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1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले किसान
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एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा अलग-अलग आवेदन
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गलत बैंक विवरण या आधार लिंकिंग वाले खाते
सरकार ने ऐसे सभी आवेदनों को ‘संदिग्ध’ (Suspicious) के रूप में चिह्नित किया है और वेरिफिकेशन पूरा होने तक किस्त रोक दी गई है।
जांच में लाखों नाम सूची से बाहर
सूत्रों के मुताबिक, अब तक लगभग 35.44 लाख किसानों के नाम PM Kisan लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं।सरकार का कहना है कि यह हटाना अस्थायी (Temporary) है, यानी सही दस्तावेज जमा करने और पात्रता साबित करने पर किसानों का नाम दोबारा जोड़ा जा सकता है।सबसे बड़ी गड़बड़ी ‘परिवार’ की परिभाषा में पाई गई है।
योजना के नियमों के अनुसार —
“पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक ही परिवार माना जाएगा और उन्हें साल में केवल ₹6,000 का लाभ मिलेगा।”
लेकिन जांच में पाया गया कि कई परिवारों ने अलग-अलग आवेदन करके एक से अधिक बार लाभ लिया।

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