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April 22, 2026

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नोमुरा

FY2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ को लेकर नोमुरा का नया अनुमान, जानिए पूरी जानकारी

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 में 6.5% रहने के बाद वित्त वर्ष 2026 में घटकर 6.2% हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जीएसटी कलेक्शन, ऑटो बिक्री और बैंक लोन ग्रोथ जैसे उच्च आवृत्ति आर्थिक संकेतकों के बीच स्पष्ट अंतर देखा गया है। पीटीआई के अनुसार, आधिकारिक आंकड़े दर्शाते हैं कि वित्त वर्ष 2024 में 9.2% की वृद्धि दर से गिरकर वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी ग्रोथ 6.5% तक सिमट गई है।

नोमुरा का नजरिया
हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अनुमान है कि विकास दर 6.5% पर स्थिर बनी रहेगी, नोमुरा का मानना है कि अगले वर्ष इसमें गिरावट संभव है। रिपोर्ट में मार्च 2026 तक निफ्टी का टारगेट भी 24,970 से बढ़ाकर 26,140 अंक कर दिया गया है। साथ ही, बाजार के मूल्यांकन को लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी कमतर बताया गया है।

भारतीय शेयर बाजार की स्थिति
नोमुरा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कॉर्पोरेट आय के अनुमान घटने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई है। इसका श्रेय मजबूत घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक्स, गिरते यील्ड और निरंतर घरेलू निवेश प्रवाह को दिया गया है। हालांकि, अमेरिकी ब्रोकरेज बोफा सिक्योरिटीज ने सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि वर्तमान में बाजार मूल्यांकन ऊंचा है और थोड़े समय में इसमें गिरावट देखी जा सकती है।

लंबी अवधि के रुझान
ब्रोकरेज का मानना है कि भारत भविष्य में भी अधिक ‘स्टॉक कंपाउंडर’ देने वाले देशों में शीर्ष पर बना रहेगा। यह उम्मीद आधारभूत संरचना में तेजी, डिजिटलीकरण, वित्तीयकरण और उत्पादकता में सुधार जैसे संरचनात्मक कारकों पर टिकी है। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए नोमुरा घरेलू केंद्रित क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की सिफारिश करता है, और मानता है कि इससे निवेश चक्र में कुछ देरी हो सकती है।

उपभोग क्षेत्र को लेकर उम्मीदें
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सितंबर 2024 के शिखर के बाद उपभोग क्षेत्र के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन कम महंगाई, ब्याज दरों में संभावित कटौती और संभावित आयकर राहत जैसे कारक उपभोग क्षेत्र के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं।

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