दुर्ग/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस की मनमानी और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर Chhattisgarh High Court ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक होटल में बिना अनुमति घुसने, ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार करने और होटल मालिक को बिना FIR जेल भेजने के मामले में राज्य सरकार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस कार्रवाई को ‘मानवीय गरिमा का हनन’ करार दिया है।
Dhar Bhojshala : भोजशाला में ऐतिहासिक संयोग 10 साल बाद एक ही दिन पूजा और जुमे की नमाज
क्या है पूरा मामला? (8 सितंबर 2025 की घटना)
भिलाई के अवंतीबाई चौक निवासी आकाश कुमार साहू, जो लॉ स्टूडेंट होने के साथ-साथ कोहका में एक होटल संचालित करते हैं, उनके होटल में 8 सितंबर 2025 को पुलिस बल पहुंचा। पुलिस का दावा था कि वे एक गुमशुदा लड़की की तलाश कर रहे हैं।
होटल संचालक के गंभीर आरोप:
-
बिना वारंट कमरों में प्रवेश: पुलिस बिना किसी महिला पुलिस बल के उन कमरों में घुस गई जहां महिला-पुरुष ठहरे हुए थे।
-
वैध दस्तावेजों की अनदेखी: होटल में ठहरे लोगों ने आधार कार्ड जैसे वैध दस्तावेज दिए थे, फिर भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
-
बिना FIR जेल: जब होटल मालिक आकाश साहू ने विरोध किया, तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और बिना किसी ठोस आधार या FIR के उन्हें बीएनएस (BNS) की धारा 170 के तहत जेल भेज दिया।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: “SDM ने नहीं निभाया अपना धर्म”
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने न केवल पुलिस बल्कि एसडीएम (SDM) की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट को ‘न्यायिक प्रहरी’ होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने बिना सोचे-समझे पुलिस की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी और युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
“ऐसी घटनाएं संवैधानिक शासन में नागरिकों के विश्वास को हिला देती हैं। पुलिस के अवैध कार्य और अत्याचार न्याय प्रणाली की नींव को कमजोर करते हैं।” — हाईकोर्ट
हाईकोर्ट का आदेश: दोषी पुलिसवालों की सैलरी से होगी वसूली
हाईकोर्ट ने आकाश साहू के खिलाफ की गई सभी आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया है और निम्नलिखित आदेश दिए हैं:
-
जुर्माना: राज्य सरकार 4 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को 1 लाख रुपये का मुआवजा दे।
-
सैलरी से कटौती: सरकार को यह छूट दी गई है कि वह जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों के वेतन से यह राशि वसूल करे।
-
ब्याज की शर्त: भुगतान में देरी होने पर 9% वार्षिक ब्याज देना होगा।
-
सेंसिटाइजेशन: गृह सचिव सुनिश्चित करें कि पुलिस बल को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए

More Stories
Raipur Bulletin 26 April 2026 लापरवाही और सड़क हादसों का कहर, 24 घंटे में सर्वाधिक 10 मामले दर्ज
CG NEWS : दिल दहला देने वाली वारदात’ एसटीएफ जवान के घर में घुसकर मां-बेटे की हत्या, आरोपी महिला गिरफ्तार
Fake Facebook ID Scam : आईएएस तारण प्रकाश सिन्हा के नाम पर बनी फर्जी प्रोफाइल, ठगों ने लोगों से मांगे पैसे