शाम तक सब सामान्य था, रात में शुरू हुई परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में शाम के समय एक ठेले पर बड़ी संख्या में लोग गुपचुप खाने पहुंचे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई चटपटा स्वाद लेने में जुटा था। लेकिन देर रात हालात बदल गए। एक-एक कर लोगों को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। कई घरों में अफरा-तफरी मच गई।
कुछ मरीजों को चक्कर और कमजोरी की भी शिकायत हुई। परिवार वाले तुरंत निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के बाहर देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही। कई परिजन हाथ में दवाइयों की पर्ची लेकर भागते नजर आए।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
प्राथमिक जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गुपचुप के पानी और मसाले के नमूने लिए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि दूषित पानी या खराब सामग्री की वजह से लोगों की तबीयत बिगड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ठेले पर साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बच्चों और महिलाओं की संख्या ज्यादा
बीमार पड़ने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती कुछ बच्चों को सलाइन चढ़ाई गई। एक महिला अपने छोटे बेटे को गोद में लेकर लगातार डॉक्टरों से हाल पूछती नजर आई। अस्पताल के वार्ड में बेचैनी साफ महसूस हो रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है।

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