Friday Lakshmi Puja : नई दिल्ली। घर की सुख-शांति और समृद्धि हर व्यक्ति की सबसे बड़ी चाह होती है। हर कोई चाहता है कि उसके घर में धन-धान्य की कभी कमी न रहे। भारतीय परंपरा में शुक्रवार का दिन धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से वे प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं। ऐसे में शुक्रवार को श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
क्यों खास है श्री लक्ष्मी चालीसा?
श्री लक्ष्मी चालीसा माता लक्ष्मी को समर्पित 40 छंदों का पवित्र पाठ है, जिसमें उनकी महिमा, गुणों और शक्तियों का वर्णन किया गया है। इस चालीसा में माता लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूपों का उल्लेख मिलता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने के उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि नियमित रूप से लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पाठ केवल धन-संपत्ति ही नहीं, बल्कि मान-सम्मान, यश और सुख-समृद्ध जीवन भी प्रदान करता है।
शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन की विधि
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गुलाबी या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग माता लक्ष्मी को प्रिय हैं।
इसके बाद घर के पूजा स्थल या किसी शांत स्थान पर बैठें। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती करें। उन्हें गुलाबी या लाल रंग के फूल जैसे कमल या गुलाब अर्पित करें। भोग में मिश्री, खीर या कोई भी मीठा पकवान चढ़ाया जा सकता है।
संकल्प और चालीसा पाठ
पूजा के दौरान हाथ में फूल लेकर माता लक्ष्मी का ध्यान करें और मन ही मन अपनी मनोकामना प्रकट करें। इसके बाद पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। कम से कम एक बार पाठ करना लाभकारी माना गया है, जबकि श्रद्धा अनुसार 3, 5 या 11 बार पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि श्रद्धा और नियम के साथ किया गया लक्ष्मी चालीसा पाठ घर में सुख-शांति, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है।
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Anil Dewangan
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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