मशहूर फिल्म निर्देशक विक्रम सुगुमरण का रविवार को 47 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह खबर उनके करीबी दोस्तों ने सोशल मीडिया पर साझा की, जिससे तमिल फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक फैल गया है। विक्रम को उनकी फिल्म ‘माधा यानाई कूटम’ के लिए खासतौर पर जाना जाता था, जो दर्शकों और आलोचकों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय और सराही गई थी। उनकी फिल्मों में एक अनोखी गहराई और पहचान थी, जिसने उन्हें तमिल सिनेमा के प्रमुख निर्देशकों में शामिल किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विक्रम मदुरै से एक निर्माता को नई स्क्रिप्ट सुनाकर लौट रहे थे, तभी बस में यात्रा के दौरान अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की खबर के बाद तमिल फिल्म जगत के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी प्रतिभा को याद किया। उन्हें एक समर्पित और मेहनती कलाकार के रूप में याद किया जा रहा है।
வாழ்க்கையின் அன்றாடங்களை நாம் இலகுவாக எடுத்துக் கொள்ள வேண்டும் என்பதே விக்ரம் சுகுமாறன் நமக்கு விட்டுச் செல்லும் செய்தி என நினைக்கிறேன். இறுக்கமான மனநிலை நம்மை எங்கும் இட்டுச் செல்லும் வாய்ப்பில்லை.
“I think the message Vikram Sukumaran leaves us with is that we should take the… pic.twitter.com/4MKwtyE2qJ
— Balu Manimaran (@pmn2067) June 2, 2025
विक्रम सुगुमरण तमिल सिनेमा के प्रतिष्ठित नाम थे। उनका जन्म तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के परमकुडी में हुआ था। उन्होंने फिल्म मेकिंग की शिक्षा प्रसिद्ध निर्देशक बालू महेंद्र से ली। शुरूआत में उन्होंने अभिनेता के तौर पर ‘पोलाधवन’ और ‘कोडीवीरन’ जैसी फिल्मों में काम किया। 2013 में उन्होंने निर्देशन शुरू किया और ‘माधा यानाई कूटम’ के जरिए ग्रामीण जीवन को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया। 2023 में उन्होंने ‘रावण कोट्टम’ से निर्देशन में वापसी की, हालांकि यह फिल्म ज्यादा सफल नहीं रही। उनकी अंतिम निर्देशित फिल्म ‘थीरम बोरम’ थी, जो पर्वतारोहण की कहानी पर आधारित थी।

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