रायपुर। राजधानी में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और बाजार में आई गिरावट ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। महंगाई के इस दोहरे प्रहार ने खासकर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अब रोजमर्रा की चीजों पर खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर थीं, जिससे थोड़ी राहत महसूस हो रही थी। लेकिन अब कीमतों में इजाफा होते ही यह राहत चिंता में बदल गई है। गैस सिलेंडर महंगा होने से भोजन सामग्री की लागत भी बढ़ेगी, जिससे खानपान से जुड़ी हर चीज की कीमतें प्रभावित होंगी। वहीं, बाजार में लगातार आ रही मंदी ने व्यापारियों की बिक्री और आम जनता की क्रयशक्ति पर असर डाला है।
सीधा असर घरेलू बजट पर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गैस सिलेंडर के महंगे होने से खासतौर पर मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर असर पड़ेगा। रायपुर जैसे शहरों में जहां पहले से ही लोग बजट में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं, वहां गैस की कीमतें बढ़ना एक और बोझ बन गया है।
जनता की राय
मोवा के अशोका हाईट्स में रहने वाली अदिति अग्रवाल का कहना है, “सरकारी नीतियों के अनुसार कीमतें घटती-बढ़ती रहती हैं, पर जब कीमतें बढ़ती हैं और फिर स्थिर ही रह जाती हैं, तो परेशानी आम जनता को ही उठानी पड़ती है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
“हर जरूरत पर करना पड़ रहा समझौता”
स्वर्ण भूमि निवासी रुचि लोनिया कहती हैं, “महंगाई लगातार बढ़ रही है। अब हर चीज के लिए कंप्रोमाइज करना पड़ता है—चाहे वो राशन हो, गैस हो या बच्चों की जरूरतें। बाजार की गिरावट ने आम लोगों की जेब पर और दबाव बना दिया है।”
नतीजतन, घरेलू गैस की बढ़ती कीमत और बाजार की मंदी से रायपुर के लोगों की जिंदगी पहले से ज्यादा कठिन होती जा रही है, और आम नागरिकों को अब अपने खर्चों को नए सिरे से व्यवस्थित करना पड़ रहा है।

More Stories
CM सचिवालय का बढ़ता दबदबा’ छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव से भी पावरफुल हुआ ‘CMO’, विष्णुदेव साय की टीम में ये 6 IAS संभाल रहे कमान
छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को बड़ी सौगात’ Dearness’ भत्ते में ₹226 की बढ़ोतरी, राज्य सरकार ने जारी की न्यूनतम वेतन की नई दरें
CG NEWS : पश्चिम एशिया संकट का साया’ छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड पर, खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख टन खाद का लक्ष्य निर्धारित