नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी एक बार फिर वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर चीन, रूस, ईरान, NATO और यूरोपीय संघ (EU) को लेकर कई बड़े बयान दिए। ट्रंप ने दावा किया कि चीन और रूस ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे ईरान को हथियार नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
चीन और रूस को लेकर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि बीजिंग में हुई हालिया मुलाकात के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया कि चीन किसी भी स्थिति में ईरान को हथियार नहीं देगा और न ही चीनी कंपनियां ऐसा करेंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को देखते हुए उन्हें इस आश्वासन पर भरोसा है।
रूस को लेकर ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उनसे वादा किया है कि रूस ईरान को हथियार नहीं बेचेगा। ट्रंप के मुताबिक, यदि चीन या रूस इस मामले में अपनी बात से पीछे हटते हैं, तो यह उनके हित में नहीं होगा और उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
NATO को लेकर भी दिया बड़ा बयान
ट्रंप ने अपने बयान में NATO देशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका सीधे यूक्रेन को हथियार नहीं बेचता, बल्कि NATO देशों को हथियार उपलब्ध कराता है, जो इसकी पूरी कीमत चुकाते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि इसके बाद उन हथियारों का इस्तेमाल कैसे होता है, इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं होती।
यूरोपीय संघ पर लगाए गंभीर आरोप
ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर अमेरिकी टेक कंपनियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि EU ने Google, Apple, Meta और Amazon जैसी अमेरिकी कंपनियों पर अरबों डॉलर का जुर्माना लगाया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि यूरोपीय संघ ने इसी तरह की कार्रवाई जारी रखी, तो अमेरिका जवाबी कदम उठाएगा, जिसमें टैरिफ और नई जांच शामिल हो सकती है।
‘अमेरिका यूरोप का पिग्गी बैंक नहीं’
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब यूरोप के लिए “पिग्गी बैंक” नहीं बनेगा। उनका कहना था कि अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाकर यूरोपीय संघ अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है और उनका प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाएगा।
बढ़ सकता है वैश्विक तनाव
ट्रंप के ताजा बयान ऐसे समय में आए हैं जब मध्य पूर्व में ईरान को लेकर तनाव बना हुआ है और यूक्रेन युद्ध भी जारी है। चीन, रूस, NATO और यूरोपीय संघ को लेकर दिए गए उनके बयान आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक राजनीति पर असर डाल सकते हैं।

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