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March 28, 2026

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Divine Remedy To Get Relief From Shani obstacles : शनिवार को सुंदरकांड की इन चौपाइयों से करें बजरंगबली को प्रसन्न, शनि दोषों से मिलेगी मुक्ति

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि जो भक्त हनुमान जी की आराधना करते हैं, उन पर शनिदेव की कुदृष्टि नहीं पड़ती। सुंदरकांड का पाठ न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी दूर कर देता है।

प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करने से प्रभु श्री राम के प्रति अटूट भक्ति जागृत होती है और साधक को काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी आंतरिक बुराइयों से मुक्ति मिलती है। शनिवार के दिन यदि अर्थ सहित इन विशेष चौपाइयों का गान किया जाए, तो हनुमान जी विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं।

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विशेष फलदायी चौपाइयां और उनके अर्थ

सुंदरकांड की कुछ प्रमुख चौपाइयां, जो आत्मबल और विजय प्रदान करती हैं:

1. भय और संकट दूर करने के लिए

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयं राखि कोसलपुर राजा॥ गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥

  • अर्थ: अयोध्यापुरी के राजा श्री रघुनाथजी को हृदय में रखकर नगर में प्रवेश करके सब काम कीजिए। उनके लिए विष अमृत हो जाता है, शत्रु मित्रता करने लगते हैं, समुद्र गाय के खुर के बराबर हो जाता है और अग्नि में शीतलता आ जाती है।

2. कार्यों में सफलता और बुद्धि के लिए

जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमान हृदय अति भाए॥ तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई। सहि दुख कंद मूल फल खाई॥

  • अर्थ: जामवन्त के सुंदर वचन सुनकर हनुमान जी के हृदय को बहुत अच्छे लगे। उन्होंने कहा- हे भाइयों! जब तक मैं सीता जी को देखकर वापस न आ जाऊं, तब तक आप लोग कंद-मूल-फल खाकर मेरा इंतजार करें। यह चौपाई धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाती है।

3. शनि दोष की शांति के लिए मुख्य दोहा

सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान। सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान॥

  • अर्थ: श्री रघुनाथजी का गुणगान संपूर्ण सुंदर मंगलों को देने वाला है। जो इसे आदर सहित सुनते हैं, वे बिना किसी जहाज (साधन) के ही भवसागर को तर जाते हैं।

शनिवार को सुंदरकांड पाठ के लाभ

  • आत्मविश्वास में वृद्धि: सुंदरकांड हनुमान जी की विजय गाथा है, इसके पाठ से हीन भावना दूर होती है।

  • शनि की साढ़ेसाती और ढैया से राहत: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी की पूजा करने वाले जातकों को शनि देव कभी कष्ट नहीं देते।

  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर में सुंदरकांड का सस्वर पाठ करने से दरिद्रता और नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं।

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