रायपुर: पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल-अमेरिका) में गहराते सैन्य संकट और उससे उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितता के बीच छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में एक उच्च स्तरीय आपातकालीन समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों (पेट्रोल-डीजल) और घरेलू एवं कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडरों की वर्तमान उपलब्धता और भविष्य की आपूर्ति व्यवस्था पर गहन मंथन किया जा रहा है।
कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागों के कमिश्नर, आईजी और जिला कलेक्टरों से सीधे जुड़े हुए हैं। बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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स्टॉक की निगरानी: सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में ईंधन और गैस के बफर स्टॉक की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
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कालाबाजारी पर रोक: संकट की आहट के बीच कुछ तत्वों द्वारा की जा रही जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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अफवाहों से बचें: सीएम ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति बहाल रखने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाया जा रहा है।
पश्चिम एशिया संकट का छत्तीसगढ़ पर असर
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजारों पर भी पड़ रहा है।
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छत्तीसगढ़ में स्थिति: हाल ही में प्रदेश के कुछ जिलों में कमर्शियल गैस की आपूर्ति में कटौती की गई थी, जिसके बाद सरकार ने अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई है।
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60 दिन का बैकअप: केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है, जिसे साय सरकार राज्य स्तर पर सुचारू रूप से वितरित करने की योजना बना रही है।

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