Common myths associated with Rudraksha: नई दिल्ली. आज भी लोगों के बीच भ्रम का कारण बने हुए हैं। भगवान शिव से जुड़े इस पवित्र बीज को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। कोई इसे केवल साधु-संतों के लिए मानता है, तो कुछ लोगों का विश्वास है कि पीरियड्स के दौरान इसे पहनना वर्जित है। हालांकि, शिव महापुराण और कई आध्यात्मिक विशेषज्ञों के अनुसार इन धारणाओं का शास्त्रों में स्पष्ट आधार नहीं मिलता। आइए जानते हैं रुद्राक्ष से जुड़े 4 बड़े मिथक और उनके पीछे की सच्चाई।
रुद्राक्ष का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। शिव महापुराण के अनुसार इसकी उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से हुई थी। मान्यता है कि इसे धारण करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
मिथक 1: पीरियड्स के दौरान रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए
यह सबसे आम धारणाओं में से एक है। हालांकि, किसी भी प्रमुख शास्त्र में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं मिलता कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को रुद्राक्ष उतारना अनिवार्य है। रुद्राक्ष एक प्राकृतिक बीज है और इसे धारण करना व्यक्तिगत आस्था का विषय माना जाता है।
मिथक 2: अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष साथ पहनना अशुभ होता है
कई लोग मानते हैं कि विभिन्न मुखी रुद्राक्ष एक साथ पहनने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जबकि आध्यात्मिक परंपराओं के अनुसार 5 मुखी, 7 मुखी या अन्य उपयुक्त रुद्राक्ष एक साथ धारण किए जा सकते हैं। माना जाता है कि प्रत्येक मुखी रुद्राक्ष का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व होता है और वे एक-दूसरे के विरोध में नहीं, बल्कि पूरक रूप से कार्य करते हैं।
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मिथक 3: रुद्राक्ष केवल साधु-संत या हिंदू ही पहन सकते हैं
यह भी एक प्रचलित भ्रम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष किसी भी धर्म, जाति, लिंग या जीवनशैली के व्यक्ति द्वारा धारण किया जा सकता है। इसे केवल साधु-संतों तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और श्रद्धा का प्रतीक है।
मिथक 4: एक बार पहनने के बाद रुद्राक्ष कभी नहीं उतारना चाहिए
ऐसी मान्यता भी काफी प्रचलित है, लेकिन परंपराओं में कई लोग स्नान, अंतिम संस्कार या अन्य विशेष परिस्थितियों में सम्मानवश रुद्राक्ष उतारते हैं। इसे उतारने से उसकी आध्यात्मिक महत्ता या ऊर्जा समाप्त हो जाती है, ऐसा कोई स्पष्ट शास्त्रीय प्रमाण नहीं मिलता। इसे श्रद्धा और सम्मान के साथ धारण करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
रुद्राक्ष धारण करते समय रखें ये बातें
- रुद्राक्ष को श्रद्धा और स्वच्छता के साथ धारण करें।
- समय-समय पर इसकी सफाई और देखभाल करें।
- अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार योग्य जानकार से सलाह लेकर उपयुक्त मुखी रुद्राक्ष चुनें।
- धार्मिक मान्यताओं को अंधविश्वास की बजाय समझ और श्रद्धा के साथ अपनाएं।

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