सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर चर्चा की। इस याचिका में सरकार ने उच्च न्यायालय द्वारा चैतन्य बघेल को मिली जमानत को चुनौती दी है। कोर्ट ने सुनवाई को आगे बढ़ाकर अगली सप्ताह की तारीख तय कर दी है।
सौम्या चौरसिया के लिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सौम्या चौरसिया को शराब घोटाले से जुड़े मामलों में अपनी जमानत याचिका के लिए हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए. चौरसिया को पहले दिसंबर 2025 में ईडी ने गिरफ्तार किया था।
घोटाले का पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला 2019 से 2023 के बीच कथित भ्रष्टाचार और वसूली से जुड़ा है, जिसमें मामले की जांच ईडी और अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही है। इस मामले में कई बड़े नाम आरोपियों में हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और राजनेता भी इस मामले में शामिल रहे हैं।
राजनीतिक और कानूनी प्रभाव
अदालत की इस सुनवाई का प्रभाव दोनों आरोपियों के लिए महत्वपूर्ण है। चैतन्य बघेल की जमानत अगर रद्द होती है, तो उन्हें न्यायिक हिरासत में रहना पड़ सकता है। सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से जमानत मिलने या न मिलने से भी इस मामले का आगे का रुख तय होगा।

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