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April 17, 2026

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Chhattisgarh Liquor Scam CBI FIR

Chhattisgarh Liquor Scam CBI FIR

Chhattisgarh Liquor Scam CBI FIR : बड़ी स्ट्राइक , छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में CBI का एक्शन, पूर्व सचिव अरुणपति त्रिपाठी और पत्नी पर FIR

करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

CBI की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।  त्रिपाठी दंपत्ति ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से ₹4.91 करोड़ अधिक की संपत्ति जुटाई है। यह उनकी वैध कमाई से लगभग 54.53% ज्यादा है। साल 2013 में त्रिपाठी की संपत्ति महज ₹38 लाख थी, जो दिसंबर 2023 तक बढ़कर ₹3.32 करोड़ के पार पहुंच गई। जांच एजेंसी ने रायपुर और भिलाई में रिहायशी संपत्तियों, कीमती जमीनों, सोने और भारी बैंक बैलेंस का एक पूरा जाल खोज निकाला है।

जांच का दायरा 1 फरवरी 2013 से 22 दिसंबर 2023 के बीच के कार्यकाल पर केंद्रित है। इस दौरान त्रिपाठी आबकारी विभाग में बेहद प्रभावशाली पदों पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से धन अर्जित किया और उसे रियल एस्टेट और म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया।

“अरुणपति त्रिपाठी शराब सिंडिकेट के प्रमुख संचालकों में से एक थे। उन्होंने न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया, बल्कि समानांतर आबकारी व्यवस्था चलाकर करोड़ों की अवैध कमाई की।”
— जांच से जुड़े एक सूत्र, रायपुर

CBI की इस पहली DA FIR के बाद अब तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों की रातों की नींद उड़ गई है। इनमें कई सेवानिवृत्त IAS अधिकारी और आबकारी विभाग के 29 अन्य अधिकारी शामिल हैं, जो पहले से ही ED (प्रवर्तन निदेशालय) की रडार पर हैं। माना जा रहा है कि राज्य की एंटी-ग्राफ्ट एजेंसी (EOW-ACB) भी जल्द ही इसी तरह की कार्रवाई कर सकती है। त्रिपाठी, जो मूल रूप से इंडियन टेलीकॉम सर्विस (ITS) के अधिकारी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने शराब कंपनियों से ‘लैंडिंग रेट’ बढ़ाने के नाम पर भारी कमीशन वसूला और सरकारी दुकानों के जरिए ‘ऑफ-द-बुक्स’ (बिना हिसाब वाली) शराब बिकवाई।

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