नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने प्रदर्शन किया, वहीं कई राज्यों में भी रैलियां, धरना और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस बीच सरकार और आंदोलनकारी संगठनों के बीच बातचीत की कोशिशें भी फिलहाल बेनतीजा रही हैं।
सरकार ने भेजा था बातचीत का प्रस्ताव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व को बातचीत आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि CJP ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि संगठन ने पहले अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट आश्वासन मांगा है, जिसके बिना औपचारिक वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया गया।
आबकारी घोटाला मामला’ EOW की गिरफ्त में रामगोपाल अग्रवाल, पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप
इस फैसले के बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच चल रही संवाद प्रक्रिया एक बार फिर ठप पड़ गई है। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के रुख में नरमी नहीं आने से गतिरोध लंबा खिंच सकता है।
20 जुलाई को हुई थी जेपी नड्डा से मुलाकात
इससे पहले 20 जुलाई को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बैठक में रखी गई प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।
छात्रों में बढ़ रहा आक्रोश
जंतर-मंतर पर मौजूद कई छात्रों ने कहा कि वे केवल परीक्षा रद्द करने या दोबारा कराने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आने से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है।

More Stories
RRB Recruitment 2026 : रेलवे सेक्शन कंट्रोलर भर्ती की लास्ट डेट करीब, ग्रेजुएट तुरंत करें आवेदन
Delhi Red Fort Blast : UN रिपोर्ट में AQIS कनेक्शन का दावा, जांच में जुटी NIA
Parliament Monsoon Session : संसद में 18 दिन सिर्फ 19 घंटे काम, आखिरी दिन भी हंगामे के आसार