CG NEWS : बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की माटी की कहानी अब सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रही है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम बुड़गहन के महान समाजसेवी और असाधारण व्यक्तित्व के धनी दाऊ चिंताराम टिकरिहा की जीवनी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह फिल्म अब युद्धग्रस्त देश यूक्रेन के 100 स्कूलों में बच्चों को दिखाई जाएगी।
फिल्मफेयर में मिली जगह
इस डॉक्यूमेंट्री की सफलता का सफर यहीं नहीं रुकता। इसे आगामी 14 मई को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित फिल्मफेयर समारोह (इंटरनेशनल फेस्टिवल सेगमेंट) में भी शामिल किया गया है। जानकारी के अनुसार, इस महोत्सव में दुनिया भर की लगभग 2500 फिल्मों ने शिरकत की थी, जिनमें से ‘भीम चिंताराम’ को विशेष रूप से बच्चों के शैक्षणिक और प्रेरणादायक प्रदर्शन के लिए चुना गया है।
निर्माता को प्राप्त हुआ आधिकारिक पत्र
फिल्म के लेखक, निर्माता एवं निर्देशक अंशु धुरंधर ने बताया कि उन्हें इस संबंध में आधिकारिक चयन पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह न केवल बलौदाबाजार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है कि हमारे एक स्थानीय नायक की कहानी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शिक्षा और प्रेरणा का माध्यम बनेगी।
कौन थे दाऊ चिंताराम?
दाऊ चिंताराम टिकरिहा को उनकी अदम्य शारीरिक शक्ति और परोपकारी स्वभाव के कारण ‘छत्तीसगढ़ का भीम’ कहा जाता है। उन्होंने:
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क्षेत्र के ऐतिहासिक तूरतुरिया मंदिर के जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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शिक्षा के प्रसार के लिए अपनी भूमि दान की और क्षेत्र का पहला स्कूल खुलवाया।
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समाज सेवा और जनहित के कार्यों के लिए वे आज भी छत्तीसगढ़ में एक किंवदंती माने जाते हैं।

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