डोंगरगढ़: धर्मनगरी डोंगरगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली बूढ़ादेव पहाड़ी पर शुक्रवार शाम लगी भीषण आग ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। गनीमत रही कि वन विभाग की टीम और स्थानीय प्रशासन ने रात करीब 9 बजे तक मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
हालाँकि, इस घटना ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि आग लगने के घंटों बाद तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा था।
घटनाक्रम का विवरण :
-
शाम 4:00 बजे: पहाड़ी के निचले हिस्से में अचानक धुंआ उठा और देखते ही देखते आग विकराल हो गई।
-
शाम 6:00 बजे: तेज हवाओं के कारण आग पहाड़ी की चोटियों तक पहुँच गई, जिससे जीव-जंतुओं और वनस्पति को भारी नुकसान हुआ।
-
रात 8:30 बजे: मीडिया और स्थानीय लोगों के बढ़ते दबाव के बाद वन विभाग और प्रशासन की टीम हरकत में आई।
-
रात 9:00 बजे: फायर ब्रिगेड और वन कर्मियों की टीम ने घेराबंदी कर आग को बुझाया।
प्रशासनिक सुस्ती और नाराजगी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग शाम चार बजे लगी थी, लेकिन प्रशासनिक अमला घटनास्थल से लंबे समय तक नदारद रहा। पहाड़ी पर आग तेजी से फैल रही थी, जिससे नीचे बसे रिहायशी इलाकों में भी खतरा मंडराने लगा था। जब मामले को प्रमुखता से उठाया गया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, तब कहीं जाकर जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागे।
वन विभाग की कार्रवाई
देर से ही सही, लेकिन मौके पर पहुँचे वन विभाग के अमले ने आधुनिक उपकरणों और पारंपरिक तरीकों (Fire Beaters) का उपयोग कर आग की लपटों को शांत किया।
“पहाड़ी पर सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही थी। रात 9 बजे तक हमारी टीम ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। अब कूलिंग का काम जारी है ताकि दोबारा चिंगारी न भड़के।” — वन विभाग अधिकारी

More Stories
CG NEWS : छत्तीसगढ़ में बनेगा साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर, IG प्रशांत अग्रवाल और DIG जायसवाल को मिली अहम जिम्मेदारी
CG Accident : छत्तीसगढ़ सड़क हादसे’ कवर्धा में शिक्षक समेत तीन की मौत, पेंड्रा में तीन युवक गंभीर
CG Weather Today : छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन बारिश का दौर जारी, कई जिलों में आकाशीय बिजली का अलर्ट