CG News , सुकमा। नए साल की शुरुआत के साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने शीर्ष नक्सली नेता और पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) कमांडर बारसे देवा ने आत्मसमर्पण कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार 3 दिसंबर 2026 को बारसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। उसके सरेंडर के बाद की पहली तस्वीर भी सामने आ चुकी है, जिससे नक्सली खेमे में हलचल मच गई है।
बारसे देवा को कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा का बेहद करीबी माना जाता रहा है। वह कई बड़े नक्सली ऑपरेशनों की रणनीति बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, देवा का सरेंडर न सिर्फ सुकमा बल्कि पूरे बस्तर संभाग में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि तेलंगाना पुलिस जल्द ही इस आत्मसमर्पण को लेकर आधिकारिक घोषणा करेगी और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करेगी।
सूत्रों की मानें तो बारसे देवा लंबे समय से दबाव में था। लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के ऑपरेशनों, बढ़ती निगरानी और संगठन के भीतर आंतरिक मतभेदों के चलते वह कमजोर पड़ गया था। इसके अलावा सरकार की नक्सलियों के लिए पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति ने भी उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। माना जा रहा है कि सरेंडर से पहले देवा और सुरक्षा एजेंसियों के बीच संपर्क स्थापित हुआ था, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बारसे देवा के आत्मसमर्पण से नक्सली संगठनों की ऑपरेशनल क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा। वह कई इलाकों में नक्सली गतिविधियों की जानकारी रखता है और उसके पास संगठन से जुड़ी अहम सूचनाएं भी हो सकती हैं। इन जानकारियों के आधार पर आने वाले समय में नक्सल विरोधी अभियानों को और तेज किया जा सकता है।

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