CG News , भिलाई। दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था को सख्ती से बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने एक कड़ा कदम उठाया है। नंदिनी नगर क्षेत्र में क्लीनिक की आड़ में दबंगई, मारपीट और धमकी देकर दहशत फैलाने वाले डॉक्टर दुष्यंत खोसला को एक वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया गया है। यह आदेश दुर्ग कलेक्टर ने पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डॉ. दुष्यंत खोसला अहिवारा क्षेत्र में एक निजी क्लीनिक संचालित कर रहा था, लेकिन इलाज से ज्यादा वह अपनी दबंग प्रवृत्ति और आपराधिक गतिविधियों के कारण चर्चा में था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह आए दिन लोगों को बेवजह डराता-धमकाता था, छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था और अपने रुतबे का इस्तेमाल कर पूरे इलाके में भय का माहौल बनाता था। इससे क्षेत्र की शांति व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही थी।
लगातार मिल रही शिकायतों और क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जिलाधीश को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि आरोपी की मौजूदगी से आम नागरिकों में डर का माहौल है और यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इसी के आधार पर कलेक्टर ने दुष्यंत खोसला को एक साल के लिए दुर्ग जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया।
प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। पुलिस ने साफ किया है कि आगे भी यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को चुनौती देने या लोगों में भय फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की सख्ती की सराहना की है।

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