रायगढ़/तमनार | 20 मार्च, 2026 छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में पुलिस ने करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर की जा रही अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में दुर्ग और बलरामपुर के बाद यह तीसरा बड़ा मामला है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
झारखंड कनेक्शन का खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला ‘झारखंड कनेक्शन’ सामने आया है। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर जमीन लेकर झारखंड के एक व्यक्ति के माध्यम से यह पूरी खेती कराई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद दुर्गम और अंदरूनी इलाके का चुनाव किया था।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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गुप्त सूचना पर दबिश: मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने आमाघाट में छापेमारी की।
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फसल की जब्ती: मौके पर करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे लगे पाए गए, जिन्हें पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है। अब इन पौधों को नष्ट करने और सैम्पलिंग की प्रक्रिया चल रही है।
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आरोपियों की तलाश: पुलिस ने जमीन मालिक और झारखंडी सूत्रधार के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
प्रदेश में अफीम पर छिड़ा सियासी घमासान
रायगढ़ का यह मामला ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ विधानसभा में अफीम की खेती को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही है।
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दुर्ग कनेक्शन: हाल ही में दुर्ग के पुलगांव क्षेत्र में करीब 62 हजार किलो अफीम के पौधे जब्त किए गए थे, जिसकी कीमत 7.8 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
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बजट सत्र में गूँज: विधानसभा में गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
रायगढ़ एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास किसी भी तरह की संदिग्ध खेती या नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

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