CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में बेसहारा और घुमंतू मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार द्वारा ‘गौधाम योजना’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में 1,460 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करना है।
सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने से सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की संख्या में कमी आएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
बेसहारा पशुओं को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
गौधाम योजना के तहत ऐसे पशुओं को आश्रय दिया जाएगा जो सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमते रहते हैं। इन गौधामों में पशुओं के लिए चारा, पानी, उपचार और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल पशुओं का संरक्षण होगा बल्कि किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आने की उम्मीद है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से आवारा मवेशियों के कारण किसानों को खेती में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। सरकार का कहना है कि गौधाम योजना इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। गौधामों के माध्यम से गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि गौधाम केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं होंगे, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे।
चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण
राज्य सरकार ने योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू करने की रणनीति बनाई है। संबंधित विभागों को स्थान चयन, भूमि उपलब्धता, निर्माण कार्य और संचालन व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय निकायों, पंचायतों और संबंधित विभागों के सहयोग से गौधामों का निर्माण किया जाएगा ताकि योजना का लाभ प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंच सके।
प्रदेश में कई बार सड़कों पर घूमते बेसहारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं। विशेष रूप से रात के समय राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। सरकार का मानना है कि गौधाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से इस समस्या में काफी हद तक कमी आएगी और यातायात व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित होगी।

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