CG News , बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक अंतर्गत खमरिया गांव में उस समय अफरा-तफरी और उत्सुकता का माहौल बन गया, जब एक किसान के फार्म हाउस में एक दुर्लभ और पूरी तरह सफेद पक्षी दिखाई दिया। पक्षी की बनावट और रंग देखकर ग्रामीणों ने उसे भगवान विष्णु का वाहन ‘गरुड़’ मान लिया और मौके पर ही पूजा-पाठ शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पक्षी अचानक फार्म हाउस के अंदर आ गया था। कुछ ही देर में इसकी खबर पूरे गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और सफेद पक्षी को दिव्य मानते हुए फूल-माला चढ़ाने लगे। कई लोगों ने अगरबत्ती जलाई और मंत्रोच्चार भी किया। गांव में यह चर्चा फैल गई कि साक्षात गरुड़ देवता के दर्शन हुए हैं।
हालांकि बाद में जानकारों और वन्यजीव प्रेमियों ने बताया कि यह पक्षी वास्तव में गरुड़ नहीं, बल्कि उल्लू की एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसे आम भाषा में सफेद उल्लू या बार्न आउल कहा जाता है। सफेद रंग और बड़ी आंखों के कारण यह आम पक्षियों से अलग दिखता है, जिससे लोग भ्रमित हो गए।
सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को भी मामले की जानकारी दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि यह एक संरक्षित वन्य पक्षी है और इसकी पूजा या उसे नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध हो सकता है। अधिकारियों ने पक्षी की स्थिति का निरीक्षण किया और सुरक्षित माहौल में उसे खुले क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी की।
वन विभाग का कहना है कि इस तरह के पक्षी अक्सर रात के समय भोजन की तलाश में मानव बस्तियों के पास आ जाते हैं। अंधविश्वास के चलते उन्हें देवी-देवताओं से जोड़ देना सही नहीं है। जागरूकता के अभाव में लोग भावनाओं में बहकर गलत कदम उठा सकते हैं।



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