दूरदराज जिलों में मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
सरकार जिन मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने की तैयारी में है, उनमें दंतेवाड़ा, कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी-जशपुर शामिल हैं। इन कॉलेजों के जरिए आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की कोशिश हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नेशनल मेडिकल कमीशन को जरूरी प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। कॉलेज संचालन के लिए फैकल्टी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति जरूरी मानी जा रही है। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अस्पतालों में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही थी। कई जिलों में मरीजों को इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर तक जाना पड़ता था। अब सरकार स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा और इलाज दोनों को मजबूत करने की तैयारी में दिख रही है।
किन पदों पर होगी भर्ती?
- असिस्टेंट प्रोफेसर
- एसोसिएट प्रोफेसर
- प्रोफेसर
- विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के डॉक्टर
विभाग के अनुसार चयन वॉक-इन इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तारीख 13 मई 2026 तय की गई है।

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