रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले को लेकर सीबीआई की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। राजधानी रायपुर से करीब 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में इस घोटाले की साजिश रची जा रही थी। सीबीआई की अंतिम चार्जशीट में बताया गया है कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी ने एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी की।
चार्जशीट के मुताबिक, डिप्टी कलेक्टर जैसे उच्च पद पर चयन कराने के लिए अभ्यर्थियों से करीब 1 करोड़ रुपये तक की वसूली की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि चयनित किए जाने वाले 35 अभ्यर्थियों को जंगल में स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराया गया, जहां उन्हें परीक्षा की विशेष और गोपनीय तैयारी कराई गई।
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सीबीआई का दावा है कि इस रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्न, उत्तर और इंटरव्यू से जुड़ी रणनीतियां बताई जाती थीं, ताकि उनका चयन सुनिश्चित किया जा सके। पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए जंगल का चयन किया गया, जिससे किसी को भनक न लगे।
जांच एजेंसी के अनुसार, टामन सोनवानी इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार था और उसके निर्देश पर ही भर्ती प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर चयन किया गया। चार्जशीट में कई अधिकारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।

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